स्वास्थ्य कारणों से लिया ब्रेक
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले कुछ समय से लगातार प्रशासनिक बैठकों, राजनीतिक कार्यक्रमों और सरकारी यात्राओं में व्यस्त थे। बढ़ते कार्यभार और थकान के चलते उन्हें चिकित्सकीय सलाह पर यह ब्रेक लेने की सलाह दी गई, जिसके बाद उन्होंने एक सप्ताह के स्वास्थ्य कार्यक्रम का निर्णय लिया।
बेंगलुरु में प्राकृतिक चिकित्सा पर फोकस
बेंगलुरु में मुख्यमंत्री एक निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहेंगे, जहां उनका ध्यान योग, ध्यान (मेडिटेशन), विशेष आहार और शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया पर रहेगा। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा।
चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, उनके उपचार और डाइट प्लान में आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे इस दौरान विपश्यना सत्रों में भी भाग लेंगे।
रवाना होने से पहले पूरे किए जरूरी कार्य
बेंगलुरु जाने से पहले मुख्यमंत्री ने राज्य की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं से जुड़े कामों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि उनकी अनुपस्थिति में प्रशासनिक कार्यों पर कोई असर न पड़े।
सरकारी कामकाज रहेगा सामान्य
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की एक सप्ताह की अनुपस्थिति के बावजूद पंजाब सरकार के सभी विभाग सामान्य रूप से कार्य करते रहेंगे। प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तरह सक्रिय रहेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री डिजिटल माध्यम से अधिकारियों के संपर्क में रहकर निर्णय प्रक्रिया में शामिल रह सकते हैं।